Gold Rate: ये देश, जिस कारण गोल्‍ड 121000 रुपये के पार…जानें आपके शहर में नया रेट

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सोने के दाम में लगातार तेजी देखी जा रही है. गोल्‍ड फिर रिकॉर्ड हाई लेवल 121000 रुपये के पार पहुंच चुका है. यह तेजी डॉलर इंडेक्‍स में तगड़ी गिरावट के कारण आई है.

लगातार उछाल पर सोना — अब पहुंचा ₹1.21 लाख प्रति 10 ग्राम

Highlights:

  • सोना पहुंचा ₹1,21,000 प्रति 10 ग्राम — अब तक का सबसे ऊंचा स्तर
  • लगातार छठे दिन बढ़त जारी, निवेशकों की बल्ले-बल्ले
  • अमेरिकी शटडाउन, डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बढ़ी कीमत
  • जियो-पॉलिटिकल तनाव और त्योहारों की खरीदारी ने भी दी रफ्तार

नई दिल्ली।
सोने की रफ्तार अब थमने का नाम नहीं ले रही है। लगातार छठे दिन बढ़त के बाद अब गोल्ड ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमत ₹1,20,900 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जबकि बाजार में यह ₹1,21,000 के पार कारोबार कर रहा है। यह अब तक का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

शहर24 कैरेट सोना (₹ प्रति 10 ग्राम)22 कैरेट सोना (₹ प्रति 10 ग्राम)
दिल्ली₹1,22,070₹1,12,000
मुंबई₹1,22,020₹1,11,850
अहमदाबाद₹1,22,070₹1,11,900
चेन्नई₹1,22,180₹1,12,000
पटना₹1,22,070₹1,11,900
लखनऊ₹1,22,070₹1,12,000

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार सोने की कीमतों में उछाल की सबसे बड़ी वजह है — अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उठापटक।
अमेरिका में सरकारी शटडाउन चल रहा है, जिससे सरकारी सेवाएं ठप पड़ी हैं। इसका सीधा असर ग्लोबल सेंटीमेंट पर पड़ा है। निवेशक अब शेयर और बॉन्ड से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) यानी सोना और चांदी में पैसा लगा रहे हैं।

डॉलर की कमजोरी ने बढ़ाई चमक

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स इस साल 9.51% गिर चुका है, जो 2017 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है। साल की शुरुआत में यह 110.18 पर था और अब 98.20 तक गिर गया है।
डॉलर के कमजोर होने से सोने की कीमत और बढ़ जाती है, क्योंकि दुनिया भर में सोने की कीमतें डॉलर में तय होती हैं।

फेडरल रिजर्व की पॉलिसी का असर

अक्टूबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जताई जा रही है। ब्याज दरें घटने से बॉन्ड और सेविंग्स पर रिटर्न कम हो जाता है, जिससे निवेशक फिर से गोल्ड और सिल्वर जैसी धातुओं में पैसा लगाना पसंद करते हैं।

ट्रेड टेंशन और जियो-पॉलिटिक्स का दबाव

अमेरिकी टैरिफ पॉलिसी और विदेशी व्यापार में लगातार बदलाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में असमानता पैदा की है।
वहीं, कई देशों में चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव (जैसे इजराइल-ईरान और रूस-यूक्रेन संघर्ष) ने निवेशकों को सोना खरीदने के लिए प्रेरित किया है।

त्योहारों में बढ़ी मांग

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ सोने की मांग तेजी से बढ़ी है। दशहरा और दीवाली जैसे मौकों पर खरीदारी बढ़ने से कीमतों को और बल मिला है।

एमसीएक्स पर सोने की स्थिति

  • आज का उच्चतम स्तर: ₹1,20,900 प्रति 10 ग्राम
  • पिछला बंद भाव: ₹1,20,249
  • आज की बढ़त: ₹651
  • सालाना बढ़त: 50% से ज्यादा

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अमेरिका की आर्थिक नीतियों में स्थिरता नहीं आती और डॉलर इंडेक्स सुधरता नहीं, सोने की तेजी जारी रहेगी।
कई निवेशकों का मानना है कि यह वक्त गोल्ड और सिल्वर में निवेश के लिए सुनहरा मौका साबित हो सकता है।

निष्कर्ष:
अमेरिकी शटडाउन, कमजोर डॉलर और ग्लोबल अस्थिरता ने मिलकर सोने की चमक को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया है। त्योहारों के मौसम में यह तेजी जारी रह सकती है — यानी आने वाले दिनों में गोल्ड खरीदना और महंगा हो सकता है।