आज गूगल (Google) दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन और डिजिटल इकोसिस्टम बन चुका है। लेकिन इसका सफ़र 27 साल पहले बहुत छोटे स्तर से शुरू हुआ था। 27 सितंबर 1998 को लैरी पेज (Larry Page) और सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin) ने गूगल की शुरुआत की थी। उनका मकसद था – “दुनिया की सारी जानकारी को व्यवस्थित करना और हर किसी के लिए सुलभ बनाना।”
शुरुआती दिन: गैराज से ग्लोबल तक
गूगल का जन्म अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में एक छोटे से गैराज में हुआ था। उस समय किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह छोटा-सा स्टार्टअप एक दिन दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी बनेगा। शुरुआती दिनों में गूगल सिर्फ एक सर्च इंजन था, जिसमें एक साधारण-सा इंटरफ़ेस था – सिर्फ एक सर्च बार और तेज़ रिज़ल्ट्स।
यही simplicity लोगों को आकर्षित करने लगी। उस दौर में Yahoo और दूसरे directories मौजूद थे, लेकिन गूगल के तेज़ और सही रिज़ल्ट्स ने इसे सबका पसंदीदा बना दिया।
पहला लोगो और डूडल्स
गूगल का पहला लोगो काफी साधारण था। लेकिन 1998 में गूगल ने अपना पहला डूडल बनाया – “Burning Man Festival” के लिए। यह छोटा-सा डूडल आज गूगल की एक परंपरा बन गया है। अब तो हर साल गूगल अपने डूडल्स के ज़रिए हमें त्योहारों, खोजों और महान हस्तियों की याद दिलाता है।
सर्च से आगे का सफ़र
समय के साथ गूगल सिर्फ सर्च इंजन तक सीमित नहीं रहा। Gmail ने ईमेल की दुनिया बदल दी, Google Maps ने सफ़र और जगहें खोजने का तरीका आसान कर दिया, YouTube ने मनोरंजन का चेहरा बदल दिया और Android ने स्मार्टफोन रिवॉल्यूशन की शुरुआत की।
आज गूगल का इकोसिस्टम बहुत बड़ा हो चुका है – Google Drive, Google Photos, Google Docs, Google Meet और अब AI tools तक, यह हर जगह मौजूद है।
नॉस्टैल्जिया फैक्टर
गूगल के 27वें जन्मदिन पर नॉस्टैल्जिया सबसे बड़ा थीम रहा। ज़रा सोचिए, पहली बार आपने “Google it” कब कहा था? शायद स्कूल का कोई प्रोजेक्ट बनाना था, कोई फिल्म की रिलीज़ डेट देखनी थी या फिर कोई सामान्य जानकारी चाहिए थी।
धीरे-धीरे “Google करना” हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बन गया। आज भी जब हमें कोई सवाल आता है, सबसे पहले यही शब्द निकलते हैं – “गूगल कर लो!”
गूगल की कामयाबी के आंकड़े
हर दिन अरबों सर्च होते हैं।
लगभग हर स्मार्टफोन यूज़र किसी न किसी रूप में गूगल की सर्विस का इस्तेमाल करता है।
दुनिया की कई बड़ी AI और मशीन लर्निंग प्रोजेक्ट्स गूगल से जुड़ी हुई हैं।
27 सालों का भरोसा और नवाचार
गूगल का यह 27 साल का सफ़र सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की ज़िंदगी बदलने का भी है। चाहे भारत के ग्रामीण इलाक़ों में छात्रों को मुफ़्त जानकारी उपलब्ध कराना हो या छोटे-बड़े व्यवसायों को ऑनलाइन बढ़ाना हो, गूगल ने सबको सशक्त किया है।
निष्कर्ष
आज गूगल अपने 27वें जन्मदिन पर सिर्फ एक कंपनी का जश्न नहीं मना रहा, बल्कि यह तकनीक की दुनिया में एक माइलस्टोन है। एक गैराज से शुरू हुआ यह स्टार्टअप अब ग्लोबल टेक जायंट बन चुका है और इसने हमारे सीखने, जीने, जुड़ने और जश्न मनाने के तरीके को बदल दिया है।





