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Premanand Maharaj Health Update: “कल से सुधार है, आंखें खुल रही हैं…” प्रेमानंद महाराज ने खुद बताया तबीयत का हाल

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Premanand Maharaj News:
प्रेमानंद महाराज इन दिनों केली कुंज आश्रम में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनका रोज़ाना डायलिसिस किया जा रहा है। शरीर में सूजन है और दोनों हाथों पर पट्टियां बंधी हुई हैं, लेकिन वे धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं।

वृंदावन से बड़ी खबर

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज की तबीयत में अब सुधार दिख रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आए नए वीडियो में वे खुद कह रहे हैं —

“हाथ से काम चल रहा है, कल से सुधार है, आंखें खुल रही हैं।”

केली कुंज आश्रम में जारी है इलाज

महाराज इन दिनों वृंदावन के केली कुंज आश्रम में ही स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनका रोजाना डायलिसिस हो रहा है। पूरे शरीर में सूजन है और दोनों हाथों पर पट्टियां बंधी हुई हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज लगातार जारी है।

किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं महाराज

काफी समय से प्रेमानंद महाराज किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। डायलिसिस नियमित रूप से करवाना पड़ता है। बीते कुछ दिनों से तबीयत बिगड़ने के कारण वे अपनी रोज की पदयात्रा पर नहीं जा पा रहे हैं।

भक्तों की बढ़ती चिंता के बीच आश्रम की ओर से पहले ही घोषणा की गई थी कि

“महाराज की सेहत को देखते हुए पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है।”

साथ ही भक्तों से अपील की गई कि वे मार्ग पर दर्शन के लिए प्रतीक्षा न करें, बल्कि महाराज के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करें।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रेमानंद महाराज अपने भक्तों को प्रवचन देते हुए नजर आ रहे हैं।
हालांकि इस दौरान उनका चेहरा लाल और आंखों में सूजन दिखाई दी। आवाज भी थोड़ी धीमी थी। बावजूद इसके, उन्होंने अपने भक्तों को ज्ञान देते हुए कहा—

“कष्ट में भी सेवा रुकनी नहीं चाहिए, यही सच्ची भक्ति है।”

भक्तों से अपील

आश्रम प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे महाराज से मिलने की कोशिश न करें और केवल प्रार्थना के माध्यम से अपना प्रेम और श्रद्धा प्रकट करें।

निष्कर्ष

किडनी की समस्या से जूझ रहे प्रेमानंद महाराज की तबीयत में अब सुधार है। उन्होंने खुद बताया कि उनकी आंखें खुलने लगी हैं और हाथों की स्थिति बेहतर है।
भक्तों का मानना है कि उनकी भक्ति शक्ति और आशीर्वाद से वे जल्द ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर फिर से प्रवचन देंगे।

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